कान में हुई हलचल, डॉक्टर ने किया चैक तो निकले 20 कॉकरोच

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एक व्यक्ति के कान में दर्द की शिकायत के बाद जब डॉक्टर ने उसके कान की जांच की तो सभी हैरान रह गए कि उसके कान में पूरा पशु परिवार रहता है। 

हादसा चीन के गुआंगडोंग प्रांत में हुआ।  यहां 24 वर्षीय एक व्यक्ति के कान में तेज दर्द है, जिसके बाद वह डॉक्टर के पास गया।  जब डॉक्टरों ने उसके कान की जांच की, तो 10 से अधिक तिलचट्टे रेंगने लगे। इतना ही नहीं, इसके अलावा एक बड़ा कॉकरोच जो कि उसकी मां थी, भी दिखाई दिया।  डॉक्टरों के मुताबिक कान में होने के कारण कुछ पता नहीं चल सका।

डॉक्टरों ने यह भी कहा कि इन तिलचट्टे से व्यक्ति के अंदरूनी कान की नलिका को काफी नुकसान पहुंचा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह शख्स अपने बिस्तर के पास खाना खाता था और अपने जूते वहीं छोड़ देता था। यह बात उन्हें तब पता चली जब कॉकरोच ने उनके कान में हलचल शुरू कर दी। कॉकरोच को हटाने के बाद उसने अस्पताल के कान, नाक और गले के डॉक्टर को बताया कि उसे बताया गया था कि उसके कान में बहुत चोट लगी है और उसे लगा जैसे कोई उसके कान को अंदर से रगड़ रहा हो।

अगर कान में कुछ चला जाए तो क्या करें?

गर्म पानी: डॉक्टरों का मानना ​​है कि गर्म पानी इसके लिए एक अच्छा घरेलू उपाय है।  कान में कुछ हो जाए तो गर्म पानी डालने से कीड़ा निकल जाएगा और कान का दर्द भी कम होगा।

तेल : कान में कोई कीड़ा या चीटियां लग जाएं तो वनस्पति तेल, सरसों का तेल या नारियल का तेल लगाएं तो कीड़ा निकल जाएगा।

नीलगिरी का पानी: यह भी एक घरेलू उपाय है।  थोड़े से पानी में कपूर घोलकर कान में डालें और कुछ देर तक कान को ऐसे ही रहने दें।  तो कीड़ा एक ही कान में मर जाता है और आसानी से निकल जाएगा। इन सबके अलावा कुछ और भी उपचार हैं जो कान को फायदा पहुंचाते हैं।

नीम और तुलसी के पत्ते: दोनों में जीवाणुरोधी गुण होते हैं।  कान में दर्द होने पर इन दोनों कागजों का प्रयोग बहुत कारगर होता है।  कुछ पत्तों को अपने हाथों से रगड़ें और उनका रस निकाल लें।  एक-दो बूंद कान में डालने से लाभ होगा।

प्याज का प्रयोग: प्याज के एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी गुण कान के दर्द से राहत दिलाते हैं।  प्याज के रस को थोड़ा गर्म कर लें।  इस जूस के इस्तेमाल से आपको आराम मिलेगा।  यह मर जाएगा और आसानी से गुजर जाएगा।

लहसुन का प्रयोग : तिल के तेल में लहसुन की एक या दो कलियां डालकर गर्म करें।  उसे ठंडा हो जाने दें।  ठंडा होने पर एक या दो बूंद कान में डालें।  ऐसा करना मददगार होगा।

कान में खुजली होने पर आप क्या करते हैं?

कई बार इस तरह से कान में खुजली शुरू हो जाती है।  अत्यधिक धातुमल संचय, एलर्जी, हेडफ़ोन का अति प्रयोग, सोरायसिस, संक्रमण

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