4 धाम के दर्शन कर लोगो को मिली शांति, 6 लाख से ज्यादा भक्तो ने की यात्रा

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सरकार का लगातार दावा है कि व्यवस्थाएं अच्छी हैं। लेकिन पानी और खाने से लेकर कमरों तक यात्रियों से मांगी गई दर पर शुल्क लिया जाता है।  अब यात्रियों की शिकायत है कि वे चारों बार नहीं जा सकते।  जानिए अब तक किस दिरहम में भक्तों की संख्या पहुंच गई है और कहां कितनी मौतें हुई हैं।

देहरादून।  दो हफ्ते बाद चार धाम यात्रा में, भक्तों के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि अब तक 6,000 से 34,000 तीर्थयात्री चार दिरहम तक पहुंच चुके हैं।  इन आधिकारिक बयानों के जारी होने पर इस बात पर भी जोर दिया गया कि पंजीकरण अनिवार्य हो गया है और सरकार यात्रा के सुचारू संचालन के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।  मई के लिए केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री आरक्षण स्लॉट भरे होने की खबर के बाद से भक्तों की शिकायतें भी सामने आई हैं।  हालांकि भाजपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने व्यवस्थाओं का बचाव किया।

इस बार चार धाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।  पहाड़ों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन इस बीच दिल का दौरा और ऊंचाई की बीमारी से मरने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।  आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 16 मई तक 43 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है।  दूसरे शब्दों में, उड़ान के बाद के दो हफ्तों में, प्रति दिन औसतन 3 यात्री कैल के गाल में फंस गए।  केदारनाथ में सबसे ज्यादा 18 मौतें हुईं।  उसके बाद यमुनोत्री में 14, बद्रीनाथ में 8 और गंगोत्री में 4 यात्रियों की मौत हुई।

बद्रीनाथ में 1,76,974

केदारनाथी में 2,33,989

गंगोत्री में 1,22325

यमुनोत्री में 1,00,527

इधर, यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों द्वारा की गई व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें आती रहती हैं।  एक भक्त ने कहा कि चार दिरहम में से केवल एक ही दिरहम को देख पाता है।  दो साल बाद चार धाम यात्रा का मौका है। लेकिन पंजीकरण केंद्र पर सिर्फ 1 दिरहम के लिए पंजीकरण है।  श्रद्धालुओं का यह भी कहना है कि पंजीकरण केंद्र पर लोगों की भारी भीड़ है और यहां न तो कोई व्यवस्था है और न ही कोरोना संक्रमण को लेकर कोई सावधानी.  यह पूजा करने वालों को 3 घंटे तक कतार में खड़ा करने के लिए मजबूर करता है।

जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश सिंह यादव के अनुसार बद्रीनाथ में ही तीन टैक्स की बुकिंग व चेकिंग इन की जानकारी लगातार मेगाफोन के माध्यम से दी जा रही है।  यादव के मुताबिक यात्रियों के लिए पानी, शौचालय, पंखे और सीटों की व्यवस्था की गई है। जबकि केंद्रों पर लाइन में लगे श्रद्धालुओं का कहना है कि कोई व्यवस्था नहीं की गई है।  यहां उत्तराखंड की पहली बोलने वाली महिला रितु खंडूरी ने चार धाम यात्रा के बारे में बताया।

हरिद्वार दौरे पर उन्होंने कहा कि इतने लोग आ रहे हैं इसलिए समय लगता है।  मुझे यकीन है कि सरकार चार धाम यात्रा के लिए अच्छी तरह से तैयार है और राज्य सरकार चीजों को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश कर रही है।  देवभूमि पर छोटे-छोटे हादसे होते रहते हैं। लेकिन प्रबंधन सब कुछ ठीक करने में लगा है।

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