6 साल के बच्चे की हुई मृत्यु – मां के पुकारते ही चलने लगी फ़िर से सांसे, देखे वायरल वीडियो

जानने के लिए आगे पढ़े…

ऐसा कहा जाता है कि भगवान आज भी इस दुनिया में मौजूद हैं। इसलिए लोगों को भगवान में अटूट विश्वास प्राप्त होता है।  इनमें से कई चमत्कार समय-समय पर होते रहते हैं। जिससे यह आभास होता है कि ईश्वर मौजूद है। अक्सर ऐसी कई खबरें सुनने को मिल जाती हैं।जिन पर किसी व्यक्ति को विश्वास नहीं होता है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि इस दुनिया में सबसे बड़ा सत्य मृत्यु है। जिसने जन्म लिया है वह एक न एक दिन इस दुनिया को जरूर छोड़ देगा।

क्या आपने कभी सुना है कि एक उस बच्चे की फिर से सांसे चलने लगी हाँ वे कहते हैं कि जन्म और मृत्यु उपर्युक्त व्यक्ति के हाथ में है। जब तक ईश्वर की इच्छा न हो। मनुष्य पृथ्वी पर पैदा नहीं हो सकता और न ही मनुष्य मर सकता है। आज हम आपको एक ऐसे चमत्कार के बारे में जानकारी देंगे जिसे जानकर आप भी भगवान को मान लेंगे। दरअसल ऐसी घटना हरियाणा में हुई थी। जब मुझे पता था कि आप सभी को किसी फिल्म की कहानी लग रही होगी। लेकिन यहां मां की पुकार सुनकर मरा हुआ बच्चा फिर से जिंदा हो गया।

आपको बता दें कि इसकी उत्पत्ति हरियाणा के बहादुरगढ़ से हुई है।  डॉक्टरों ने एक बच्चे को मृत घोषित कर दिया। लेकिन जब उस बच्चे के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। तो बच्चे ने अचानक सांस लेना शुरू कर दिया। हमने उन्हें बताया कि 26 मई को दिल्ली में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने लड़के को मृत घोषित कर दिया।जिसके बाद परिजन उस लड़के को लेकर बहादुरगढ़ पहुंचे। 

सभी लड़के के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। बेटे की लाश देख मां खूब रोई।  माँ अपने बेटे के सिर को चूम कर रो पड़ी और अपने बेटे को उठने के लिए कहा मेरे बेटे, और इस दौरान माँ की पुकार सुनकर लड़का साँस लेने लगा।

जब वहां मौजूद लोगों ने देखा कि लड़के का शरीर कांप रहा है। तो उसे तुरंत विशेष अस्पताल ले जाया गया जहां 20 दिनों के उपचार के बाद लड़का स्वस्थ हो गया। मिली जानकारी के अनुसार बहादुरगढ़ निवासी हैतेश के पुत्र व पत्नी जाह्नवी को टाइफाइड बुखार था। जिसके चलते उन्हें दिल्ली के अस्पताल ले जाया गया और 26 मई को डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत बता दिया था।

आरोप है कि जब मां ने मृत घोषित बच्चे को बुलाया तो अचानक उसकी सांसें चलने लगीं। जिसके बाद बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया और डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की भविष्यवाणी केवल 15% थी। लेकिन परिजन लगातार डॉक्टरों से इलाज शुरू करने के लिए कहते रहे। जिसके बाद लड़का जल्दी ठीक होने लगा और मंगलवार को वह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर चला गया। जब लड़का ठीक होकर घर लौटता है तो पूरे शहर में खुशी का माहौल होता है। लड़के के दादा भगवान के चमत्कार में विश्वास करते थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.