सोना हुआ सस्ता – आखिर इतना रेट घटने की क्या है असली वजह ?

जानने के लिए आगे पढ़े…

शादी के सीजन और अक्षय तृतीया से ठीक एक दिन पहले सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली थी।  वैश्विक बाजार का दबाव आज कारोबार में भी साफ नजर आ रहा है।  अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के हाजिर भाव में पिछले बंद के बाद से काफी गिरावट आई है।  यही स्थिति चांदी की कीमतों में भी दिखाई देती है।

हालांकि अक्षय तृतीया और शादियों के सीजन पर वैश्विक बाजार का दबाव है। लेकिन सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट है।  कारोबार में आज सोना करीब 51 हजार में बिकता है।

सोमवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 24 कैरेट सोना वायदा अनुबंध की कीमत 1.21 फीसदी गिरकर 51,128 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई।  इस दौरान सोना कल के भाव से 626 रुपये सस्ता हुआ।  इससे पहले कारोबार की शुरुआत में सोना वायदा भाव 51,270 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला था।  हाल के सत्रों में सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली है।  इसकी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत है।

चांदी में भी 911 रुपये की गिरावट

सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी आज बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। एमसीएक्स पर सोमवार सुबह चांदी का वायदा भाव 911 रुपये की गिरावट के साथ 62,645 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।  चांदी कल के मुकाबले 1.43 फीसदी सस्ती हुई है। आज के कारोबार में चांदी 62,685 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। चांदी की कीमतों पर वैश्विक बाजार का भी खास असर दिख रहा है।

विश्व बाजार में कीमत कहां है?

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती से वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है।  आज के शुरुआती कारोबार में सोने का हाजिर भाव 1,886.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया और इसकी कीमत 0.61 फीसदी गिर गई।  इसी तरह चांदी की कीमत में भी गिरावट आई और यह 0.60 फीसदी की गिरावट के साथ 22.65 फीसदी प्रति औंस पर आ गई।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर में मंदी की आशंका जताई।  अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में विश्व अर्थव्यवस्था 3.8 फीसदी के बजाय 3.6 फीसदी की दर से बढ़ेगी।  उसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट आई और पीली धातु की मांग भी बढ़ी। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी मुद्रास्फीति में वृद्धि की उम्मीद की जिसके कारण कीमती धातु की कीमतों में गिरावट आई क्योंकि मांग धीमी हो गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published.