मरने के 5 घंटे बाद जिंदा हो उठा आदमी – परिवार का हुआ दिमाग खराब

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अंतिम संस्कार में मौजूद परिवार के सदस्यों के बारे में पूछे जाने पर रामकिशोर ने कहा कि वे मुझे गलती से ले गए थे और अब मुझे वापस भेज दिया है। वहीं डॉक्टरों ने इसे चमत्कार मानने से इनकार किया। 

अलीगढ़

ऐसी ही एक कहानी सुनने को मिली है कि मरने के बाद फिर से कोई जिंदा हो गया। यूपी के अलीगढ़ में एक ऐसी घटना सामने आई है जहां एक ग्रामीण रामकिशोर को उनकी मौत के 5 घंटे बाद फिर से जीवित कर दिया गया। अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों द्वारा पूछे जाने पर रामकिशोर ने कहा कि वे मुझे गलती से ले गए थे। अब वापस भेज दिया गया है। वहीं डॉक्टरों ने इसे चमत्कार मानने से इनकार किया है।

अतरौली थाना क्षेत्र के किरथला गांव के 53 वर्षीय रामकिशोर की कुछ दिन पहले अचानक मौत हो गई।   पूरा परिवार सदमे में था। सूचना मिलते ही परिजन गांव पहुंच गए। परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। 

शव को नहलाते ही हुई हलचल

कहा जाता है कि नहाने के बाद जब लाश को जमीन पर लिटाया गया तो रामकिशोर का शरीर हिल रहा था।   यह देख लोग हैरान रह गए। तब रामकिशोर उठ कर  बैठ गए और सभी के नाम पुकारे और कहा चिंता मत करो मैं ठीक हूं। मुझे गलती से ले गए थे और अब‌ मुझे वापस भेज दिया है। 

यह सुनकर हर कोई हैरान रह गया और मातम से माहौल खुशी में बदल गया। ग्रामीणों ने इसे चमत्कार माना और वे उसके घर यह जानने के लिए आए कि क्या हुआ था। आसपास के गांवों से भी लोग आने लगे।  तब से यह मामला सुर्खियों में है।

डॉक्टरों ने कहा कोई चमत्कार नहीं

आईएमए के मीडिया अधिकारी डॉ प्रदीप बंसल का कहना है कि यह कोई चमत्कार नहीं है। कभी-कभी किसी व्यक्ति की हृदय गति और श्वास इतनी धीमी हो जाती है कि वे गहरे कोमा में पड़ जाते हैं। हम समझते हैं कि वह मर गया लेकिन ऐसा नहीं है। वहीं डॉ. संजय भार्गव का कहना है कि इसे विज्ञान स्वीकार नहीं करता है।

बिना ईसीजी के उसे मृत घोषित नहीं किया जा सकता।  यह इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। अलीगढ़ के कयामपुर के एक वृद्ध की मौत की घोषणा हाल ही में आगरा में की गई थी। आगरा से अलीगढ़ आने के बाद उसके परिजन उसे नर्सिंग होम ले गए। जहां तीन दिन के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।

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