देख के बड़े बड़े लोगो को इंग्लिश सिखाने वाला आदमी आज चला रहा है ऑटो – सचाई जान आप रो देंगे

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कभी जाति की वजह से पटाबी रमन को नौकरी नहीं मिली।  तो वह अपने सपनों को साकार करने के लिए सपनों‌ के शहर में आ गए। कुछ दिन खुशी-खुशी यहां रहे। लेकिन घर वापिस जाना पड़ा।

एक पुरानी कहावत है कि किस्मत भी कमाल की चीज होती है। कब, कहां, कौन बदलेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। 74 साल के अंकल के साथ कुछ ऐसा हुआ। जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की होगी। जो कभी अंग्रेजी के लेक्चरर हुआ करते थे आज ओटो चलाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अपने जीवन से बहुत खुश हैं और कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। आइए जानें इस बूढ़े अंकल के बारे में कुछ दिलचस्प बातें।

ये कहानी है बैंगलोर के रहने वाले पट्टाबी रमन की।  रमन कभी मुंबई में अंग्रेजी के लेक्चरर हुआ करते थे। लेकिन आज  बेंगलुरु में ओटो चलाते हैं। बुजुर्ग चाचा का कहना है कि वह मुंबई के पवई के एक प्राइवेट इंस्टीट्यूट में अंग्रेजी पढ़ाते थे।लेकिन उनका वेतन बहुत कम था। प्राइवेट इंस्टीट्यूट में काम के कारण उन्हें पेंशन भी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि उनके पास‌ एम.ए और एम.एड दोनों डिग्री हैं।

एक समय जाति के कारण उन्हें कर्नाटक में कहीं भी नौकरी नहीं मिली। फिर वे मुंबई चले गए। उन्होंने कई सालों तक मुंबई में काम किया।  फिर उन्होंने अपनी नौकरी खो दी और बैंगलोर लौट आए। यहां आकर वह ओटो  चलाने लगे। वह 14 साल से ओटो चला रहे है।

रमन ने कहा कि उन्हें मुंबई में करीब 15,000 रुपये मिलते थे। वहीं कार चलाने से रोजाना 500 से 700 रुपये तक की कमाई हो जाती है। इतने पैसो से उनका और उनकी गर्लफ्रेंड का गुजारा हो जाता है और वे खुशी से रहते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी पत्नी को गर्लफ्रेंड कहते हैं। रमन परिवार का कहना है कि वह फिलहाल 12,000 रुपये में किराए के मकान में रहते है।

उनका बेटा किराए का भुगतान करने में भी मदद करता है। लेकिन हर कोई अलग रहता है। उन्होंने कहा हम किसी को कुछ नहीं कहते। हर कोई अपना जीवन जीता है और वे बहुत खुश हैं। लोग रमन की कहानी की तारीफ कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर हर जगह इसकी चर्चा हो‌ रही  हैं।

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